उत्तर प्रदेशबाँदा

डॉक्टर की लापरवाही से बच्ची के पैर काटे जाने के मामले में अखिलेश के बयान से बढ़ी उम्मीद

बांदा में 5 साल की बच्ची का पैर काटे जाने के मामले में अखिलेश यादव के बयान के बाद मामला गरमाया। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर न्याय मांगा।

Banda News: उत्तर प्रदेश में बाँदा के मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर की लापरवाही के बाद 5 साल की मासूम बच्ची का पैर काटे जाने का मामले में आज नया मोड़ तब आ गया जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूरे मामले को लेकर के अपना बयान जारी किया है। इधर लड़की के माता-पिता वह समाजसेवी सुशील त्रिवेदी ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर न्याय की मांग की है। बड़ी बात यह है की जाँच में दोषी पाए जाने और बर्खास्त किये जाने के बावजूद डॉक्टर ने साठगाठ कर दुबारा बहाली कर ली और बच्ची व उसका परिवार 8 महिने बाद भी न्याय के लिए भटक रहा है।

मासूम का काटना पड़ा पैर

बता दे की घटना करीब आठ माह पहले की है पडुवी गांव के रहने वाली मानवी छत से गिर पड़ी थी। जिसको इलाज के लिए बांदा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। परिजनों की माने तो मानवी के पैर में पट्टी बांध दी गई और तीन दिन तक किसी भी डॉक्टर ने उसकी देखरेख नहीं की इस दौरान वह डॉक्टर विनीत सिंह के अंडर में रही, लेकिन डॉक्टर विनीत सिंह एक भी दिन बच्ची को देखने नहीं आए। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर विनीत सिंह का प्राइवेट क्लीनिक चल रहा है। उसे क्लीनिक में जाने के दबाव के चलते डॉक्टर विनीत सिंह बच्ची को देखने नहीं आए और बच्ची का पैर सड़ गया। खतरे को देखते हुए पैर को काटना पड़ा, और आज 5 साल की मासूम बच्ची लाचार और बेबस है।

बर्खास्तगी के बाद बहाली

बच्ची का पूरा भविष्य चौपट हो गया है। उसके मां-बाप मजदूरी करके घर का पालन पोषण करते हैं। ऐसे में यह घोर लापरवाही के बारे में जो भी सुनता है वह दंग रह जाता है। और सबसे बड़ी बात यह है की परिजनों ने जब आठ माह पूर्व जिलाधिकारी से शिकायत की थी तो जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच कमेटी ने डॉक्टर विनीत सिंह को दोषी भी पाया गया था। और डॉक्टर विनीत सिंह को बर्खास्त भी कर दिया गया था। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से साठ -गांठ करके डॉक्टर विनीत सिंह को फिर बहाल कर दिया गया और बेबस और लाचार बच्ची आज भी न्याय के लिए दर-दर भटक रही है।

न्याय की गुहार जारी

पिछले दिनों बच्ची और उसके परिजन सपा मुखिया अखिलेश यादव से भी मिले। अखिलेश यादव ने परिवार को आर्थिक मदद भेजी साथ ही अपने बयान में बच्चों के साथ हुए अन्याय का जिक्र भी किया आज बच्ची के माता-पिता हुआ समाजसेवी सुशील त्रिवेदी ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर ठोस कार्रवाई की जाने की मांग की साथ ही गरीब वह दलित परिवार की आर्थिक मदद भी कराए जाने की मांग की है अब देखना यह है कि बीमार पड़े इस लक्ष्य तंत्र में आखिर बच्ची को न्याय कब मिलता है।

रिपोर्ट-अभिषेक शुक्ला

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